सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस गर्दन में स्थित रीढ़ की हड्डियों में लम्बे समय तक कड़ापन होने, गर्दन तथा कंधों में दर्द तथा जकड़न के साथ सिर में दर्द होने की स्थिति को कहते हैं. यह दर्द धीरे-धीरे कंधे से आगे बाहों तथा हाथों तक बढ़ जाता है. गर्दन दर्द को ही सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस बोला जाता है. मगर, इस दर्द को दूर करने के लिए दवाओं पर निर्भर रहना उचित नहीं है इसके लिए योग का एक्सरसाइज बेहतर विकल्प होने कि सम्भावना है.
एक्सरसाइज -
गर्दन को दाएं-बाएं घुमाने में दर्द या जकड़न, सिरदर्द के साथ चक्कर आना सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के लक्षण हैं. ऐसे में रोगी को उठने-बैठने और चलने-फिरने में भी परेशानी होती है. हाथ, पैर का अधिक प्रयोग करने पर दर्द बढ़ जाता है.
व्यायाम करें : समतल बिस्तर का इस्तेमाल करें. सिर को दाएं-बाएं, बाएं-दाएं व गोलाकार रूप में घुमाएं. सीधे खड़े होकर दोनों कंधों को सामने से पीछे की ओर गोलाकार घुमाने से फायदा मिलता है. नाक में दो-दो बूंद गोघृत सुबह-शाम डालें. हड्डी से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में गिलोय-आंवला का इस्तेमाल लाभदायक है.
आयुर्वेद में इलाज: समीरपन्नग रस पाउडर 30-50 मिग्रा शहद के साथ सुबह-शाम लें. बलारिष्ट दवा समभाग पानी के साथ दिन में दो बार लें. महारास्नादि काढ़ा व निर्गुंडी ऑयल और बला ऑयल से दर्द के अनुसार दिन में 2-3 बार मालिश करें. एसिडिटी में शिलाजीत और दूध के साथ गुग्गल लेना लाभकारी है. दूध के साथ च्यवनप्राश लेने से वात विकारों दूर होते हैं