24 घंटे में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित 141 मरीज ठीक हुए

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि लॉकडाउन और कैंटेनमेंट पॉलिसी का सकारात्मक असर देखने को मिलने लगा है। 15 राज्यों के जिन 25 जिलों में पहले कोरोना के मरीज मिले थे, उनमें पिछले 14 दिनों में कोई नया मामला सामने नहीं आया। मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि यहां संक्रमितों के मिलते ही कैंटेनमेंट पॉलिसी अपना ली गई थी। उम्मीद है कि आगे भी इन जिलों में पॉजिटिव केस नहीं मिलेंगे। इनमें महाराष्ट्र का गोंदिया, छत्तीसगढ़ का राजनंदगांव, दुर्ग, बिलासपुर, कर्नाटक का देवनगिरी, बिहार का नालंदा और पटना शामिल हैं।


24 घंटे में सबसे ज्यादा 141 मरीज ठीक हुए


अग्रवाल के मुताबिक, देश में कोरोना को फैलने से रोकने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। आरोग्य ऐप से संक्रमितों की लाइव मॉनिटरिंग हो रही है। जीआईएस मैपिंग की जा रही है। आईडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। फिलहाल, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 9 हजार 152 है। अभी तक 857 लोग ठीक हुए हैं। रविवार को सबसे ज्यादा 141 लोग रिकवर हुए। आईसीएमआर ने बताया कि 15 अप्रैल तक देश में चीन से कोरोना टेस्टिंग किट की पहली खेप आ जाएगी। उन्होंने बताया कि देश में नई दवाओं की खरीद पर भी काम हो रहा है।


ट्रांसपोर्टेशन को बेवजह न रोकें, मजदूरों को पास जारी करेंगे 
गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पीएस श्रीवास्तव ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान हर राज्य में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई अहम है। इसमें कोई दिक्कत न आए, इसलिए मंत्रालय ने राज्यों के प्रमुख सचिवों को पत्र लिखा है। उनसे कहा है कि जरूरी सामान से भरे ट्रकों को दूसरे राज्य में जाने दिया जाए। इसके कर्मचारियों को स्थानीय प्रशासन पास जारी करे। खाली ट्रकों को भी आने-जाने दिया जाए। ट्रक में ड्राइवर के साथ एक हेल्पर हो सकता है। इसी तरह एयरपोर्ट, सीपोर्ट, लैंडपोर्ट और रेलवे की तरफ से भी कॉन्ट्रैक्ट मजदूरों को पास जारी होंगे। ट्रकों और मजदूरों की आवाजाही में सोशल डिस्टेंसिंग और हाइजीन का ध्यान रखा जाए